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सम्मान क्रम
में पुष्पहार, शाल, इकतीस
हजार रुपये की नगद
सम्मान राशि, सम्मान
पत्र एवम् प्रतीक चिन्ह
भेंट किये गए | इसके
पूर्व सम्मान पत्र का
वाचन हुआ| तत्पश्चात डाँ.
बागडा ने अपने प्रभावी
एवम् मार्मिक उद् बोधन
में भारतवर्ष की
वर्तमान दशा का
तथ्थात्मक विश्लेषण
आंकडो के साथ विस्तार से
किया| उन्होने अंहिसा की
पुर्नस्थापना हेतु
उपस्थित जनसमूह को
सक्रिय भूमिका तय करने
के लिए आह्वान किया|
मात्र विगत् तीन वर्षो
में देश से मांस का
निर्यात तीन गुना बढगया
है तथा योजना अयोग इसे एक
कमेटी का गठन कर और तेज
गति से बढाने हेतु
अग्रसर है| डाँ.बगडा ने
इन सरकारी योजनाओ का
विस्तार से खुलासा किया
और अंहिसा महासंघ को
अधिकाधिक आर्थिक मजबूती
प्रदान करने हेतु अपील
की|
इसके पश्चात्
पूज्य महासती जी ने अपने
मार्मिक उदबोधन में डाँ.बगडा
को आशीर्वाद प्रदान
करते हुए उपस्थित
जनसमूह से अंहिसा के
क्षेत्र में अधिकाधिक
जागरुक रहने की पुरजोर
अपील की तथा जैन संतो को
इस क्षेत्र में विशेष
सक्रिय होने की
आवश्यकता पर जोर दिया|
डाँ. बगडा को इस सम्मान
प्राप्ति पर पूरे देश से
बधाई संदेश प्राप्त हो रहे है|
- अंजनी गुप्ता, अंहिसा महासंघ कोलकाता |