DISHA
BODH ( दिशाबोध)
विचार मासिक
दिसम्बर
2009 |
यात्रा
-
पुस्तक समीक्षा
2
अहिंसा को सामाजिक अनुसंधान में
लगाना जरूरी - म्पादकीय-1
4
लोग क्या कहते हैं ?
- पत्रांश
8
जैन समाज को नई दिशा दे रहें है (प्रतिक्रिया)
-
सुरेश जैन IAS
9
श्रेष्ठों में श्रेष्ठतर (प्रतिक्रिया)
- सुरेश सरल
10
परम्परा और आचार्य शान्तिसागर
- आ.पुष्पदन्तसागर
12
मन
से मुक्ति यानि मुक्त मन (चिन्तन)
- विनोबा भावे
15
दक्षिण
भारत जैन सभा (कसौटी)
- अनूपचन्द्र जैन
16 गोश्त
में तब्दील होते देहधारी (कहानी)
- विलाश गुप्ते
18
सोशियोलाजी
एण्ड वेजीटेरियनिज्म (अंग्रेजी)
- चीरंजीलाल बगड़ा 22
अमेरिका
में धार्मिक सद् भाव (अनुभव)
- डा.वीरसागर जैन
25
लोकतंत्र
पर हावी होता ग्लैमर
- सामयिकी
26
समाचार सार
संक्षेप
- संकलन
28
साधु
संत भी जिम्मेवार
- साभार
30
अहिंसा
ही जप-तप-संयम है
- आ.राजेन्द्र
सुरिजी
30
अमीर
कौन (चिन्तन)
- डा.
नेमीचन्द जैन
31
पूरा देश रो रहा
है (मुक्तक)
-
मुनि तरुणसागरजी
31
गाय
दया की सुन्दर कविता
- पं.लालचन्द
राकेश 32
सम्पादक: डाँ.
चीरंजीलाल बगडा
प्रबन्ध सम्पादक: स्मिता
बगडा
प्रकाशक प्रबुद्ध जैन
विचार मंच, भारतीय
अहिंसा संस्थान महासंघ |
Contact
केन्द्रीय कार्यालय
: 46, स्ट्राण्ड रोड, तीन
तल्ला, कोलकाता - 7
फोन - 033-22580449, मो0 9331030556
वेबसाईट : www.ahimsafederation.org
ईमेल : ahimsafederation@gmail.com
दिल्ली कार्यलय
: अहिंसा भवन, एफ-125, लाडो
सराय, मेहरौली,
नई दिल्ली : 110 030, फोन : 011- 41641480
ईमेल : shakahar@vsnl.net,
M : 9891013200
Contact
Us to subscribe the Magazine
|